** संस्था के उद्देश : 2 :


 

१२) समाजकल्याण केन्द्र, शिक्षण केन्द्र, समाज मंदिर, चिकित्सा केन्द्र, प्रथमोपचार केन्द्र, वाचनालय, पुस्ताकालय, व्यायामशाला, साक्षरता प्रसार/प्रचार केन्द्र, व्यसन मुक्ति केन्द्र, अनाथाश्रम, वृध्दाश्रम, महिलाश्रम, वसतीगृह, विश्रामगृह, एम्ब्युलन्स,आधारगृह आदी चलाना, चलाने का प्रबन्ध करना, सहायता देना, नियंत्रण में रखना।

१३) असहाय, दिनदुखियों, गरीब, बेवा, वृध्द, अपंग, विकलांग, लावारीस, अन्ध आदी लोगों की मदद करना, सहायता देना।

१४) गरीब, दिनदुखियों को दवापानी, डाक्टरी सेवा की मदद करना, सहायता करना, देना, देने का प्रबन्ध करना।

१५) योग्य एवं जरुरमंद, मेधावी, होनहार, छात्रों की किताबें, कापीबुक्स, युनीफार्म, कपडा, पुरस्कार एवं छात्रवृत्तियों आदी देना, प्रदान करना और सभी संबंधित छात्रों को समय समय पर उत्साहित करना और शिक्षावृध्दि करना।

१६) हर आँसू पोछने की कोशिश करना।

१७) राष्ट्रीय खेल, वुत्र्द में साक्रिय रुचि लेना और जागरुकता पैदा करना।

१८) दहेज, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का आयोजन करना, आवाज उठाना।

१९) पेडपौधे लगाने के लिए समयबध्द, ठोस कार्यक्रम का आयोजन करना।

२०) एडस्‌ के प्रती लोगों में जागरुकता पैदा करना, मार्गदर्शन करना।

२१) जलतृप्ति केन्द्र, प्याऊ का इन्तजाम करना।

२२) सामुहिक विवाह को प्रोत्ताहन देना। नव दाम्पति को मदद् करना।

२३) गंगा तथा भारतके सभी प्रमुख नदीयों का पानी स्वच्छ रखने के लिए अभियान चलाना। स्वच्छ नदीजल का महत्व सभी संबंधियों को समझाना।

२४) सभी जरुरतमंदों को कानूनी सहायता देना, देने के प्रबन्ध करना।

२५) समय समय पर स्वाधिनता दिन, गणतंत्र दिन, धार्मिक सणसमारोह हर्ष उल्हास के साथ, पारंपारिक पध्दत के साथ मनाना, साक्रिय रुचि लेना,सहयोग देना/लेना, मदद करना, उत्साहित करना।

२६) केन्द्र शासन तथा राज्य शासन के सभी कार्यात्र्म, जनकल्याणकारी प्रवृत्तियों को अंजाम देना, रुचि लेना और सभी लाभार्थियों को उसका लाभ देना दिलाना, देने का प्रबन्ध करना।

२७) सांत्रमकरोग, अकाल, बाढ, अग्निप्रकोप, जलप्रकोप, जलप्रदोष, जलजला, नैसर्गिक तथा अनैसर्गिक संकटों के समय यथा साध्य जनसाधारण की सहायता करना, करने का प्रबन्ध करना।